Bank Account Nominee Rules 2026 को समझना हर बैंक ग्राहक के लिए जरूरी है, क्योंकि बैंक खाते में नॉमिनी होने से खाताधारक की मृत्यु के बाद परिवार को बैंक में क्लेम करने की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है।
हममें से बहुत से लोग बैंक में खाता खुलवाते समय बाकी सभी जानकारियां तो भर देते हैं, लेकिन नॉमिनी की जानकारी पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। कुछ लोगों को लगता है कि नॉमिनी बनाना जरूरी नहीं है, जबकि कुछ लोग यह सोचकर इसे बाद के लिए छोड़ देते हैं कि जरूरत पड़ने पर नाम जोड़ देंगे।
लेकिन बाद में परिवार को परेशानी हो सकती है। खाताधारक की मृत्यु होने पर बैंक में जमा पैसे के क्लेम के लिए जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है।
इसीलिए अगर आपका सेविंग अकाउंट, FD या दूसरा बैंक डिपॉजिट है, तो यह जानना जरूरी है कि नॉमिनी क्या होता है, इसे कैसे जोड़ा जाता है और जरूरत पड़ने पर नाम कैसे बदला जा सकता है।
इस लेख में हम इन सभी बातों को आसान भाषा में समझेंगे।
1. बैंक खाते में नॉमिनी क्या होता है?

बैंक खाते में नॉमिनी वह व्यक्ति होता है जिसे खाताधारक अपनी मृत्यु के बाद बैंक में जमा राशि के क्लेम की प्रक्रिया के लिए नामित करता है।
उदाहरण के लिए, मान लीजिए आपने किसी बैंक में सेविंग अकाउंट खुलवाया है। आपके परिवार में पत्नी, बच्चे या माता-पिता हैं। आप अपनी पसंद के किसी पात्र व्यक्ति को बैंक खाते का नॉमिनी बना सकते हैं।
अगर भविष्य में खाताधारक की मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी बैंक में जरूरी दस्तावेज जमा करके खाते में मौजूद रकम का क्लेम कर सकता है।
नॉमिनी का मुख्य उद्देश्य बैंक के लिए क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया को आसान बनाना है। इससे परिवार को बैंक से संपर्क करने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में मदद मिलती है।
हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझ लें। नॉमिनी और कानूनी वारिस हमेशा एक ही चीज नहीं होते। नॉमिनी का नाम दर्ज होने से उत्तराधिकार से जुड़े सभी कानूनी सवाल अपने आप समाप्त नहीं हो जाते। किसी विवाद की स्थिति में लागू कानून और परिस्थितियों के अनुसार फैसला हो सकता है।
2. Bank Account Nominee Rules 2026 में क्या बदलाव हैं?
बैंक नॉमिनेशन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों में बदलाव Banking Laws (Amendment) Act, 2025 के माध्यम से किए गए थे। नॉमिनेशन से संबंधित प्रमुख प्रावधान 1 नवंबर 2025 से लागू हुए।
इन बदलावों का उद्देश्य बैंक ग्राहकों को नॉमिनी चुनने में अधिक सुविधा देना और क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना है।
मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- बैंक जमा खातों में अधिकतम चार लोगों को नॉमिनी बनाया जा सकता है।
- खाताधारक एक साथ कई नॉमिनी चुन सकता है।
- खाताधारक बारी-बारी से लागू होने वाले नॉमिनी भी चुन सकता है।
- एक साथ कई नॉमिनी चुनने पर प्रत्येक व्यक्ति का हिस्सा निर्धारित करना होता है।
- बैंक लॉकर और सुरक्षित अभिरक्षा में रखी वस्तुओं के लिए नॉमिनेशन के अलग प्रावधान हैं।
ध्यान रखें कि एक से अधिक नॉमिनी बनाने की सुविधा और उसके नियम खाते या बैंक की सुविधा के अनुसार समझने चाहिए। हर स्थिति में प्रक्रिया बिल्कुल एक जैसी नहीं होती।
3. बैंक खाते में कितने नॉमिनी बना सकते हैं?
नए प्रावधानों के तहत बैंक जमा खातों के लिए अधिकतम चार नॉमिनी बनाए जा सकते हैं। खाताधारक अपनी जरूरत के अनुसार उपलब्ध विकल्प चुन सकता है।
इसके लिए दो मुख्य विकल्प हैं।
पहला विकल्प: Simultaneous Nomination
इसमें आप एक साथ कई नॉमिनी चुन सकते हैं और हर व्यक्ति के हिस्से का प्रतिशत निर्धारित कर सकते हैं।
उदाहरण के लिए, अगर आप तीन नॉमिनी बनाना चाहते हैं, तो उनके हिस्से इस तरह निर्धारित कर सकते हैं:
| नॉमिनी | निर्धारित हिस्सा |
|---|---|
| पहला व्यक्ति | 50% |
| दूसरा व्यक्ति | 30% |
| तीसरा व्यक्ति | 20% |
| कुल | 100% |
यह केवल समझाने के लिए उदाहरण है। आप अपनी जरूरत के अनुसार हिस्सा तय कर सकते हैं, लेकिन सभी हिस्सों का कुल 100% होना चाहिए।
इस विकल्प में नामित लोगों के हिस्से स्पष्ट रहते हैं।
दूसरा विकल्प: Successive Nomination
इस विकल्प में आप नॉमिनी को प्राथमिकता के क्रम में नामित कर सकते हैं।
उदाहरण के लिए, आपने पहले व्यक्ति को प्राथमिक नॉमिनी और दूसरे व्यक्ति को उसके बाद का नॉमिनी बनाया है। अगर पहले नॉमिनी की मृत्यु खाताधारक से पहले हो जाती है, तो लागू नियमों और दर्ज नामांकन के अनुसार अगले नॉमिनी की भूमिका हो सकती है।
इसलिए फॉर्म भरते समय नाम और उनका क्रम सावधानी से जांचना चाहिए।
महत्वपूर्ण: जमा खाते में एक साथ कई नॉमिनी चुनने और क्रमवार नॉमिनी चुनने के नियम अलग हैं। बैंक लॉकर और सुरक्षित अभिरक्षा में रखी वस्तुओं के लिए केवल successive nomination की अनुमति है।
4. बैंक खाते में नॉमिनी कैसे जोड़ें?

अगर आपके बैंक खाते में अभी तक नॉमिनी दर्ज नहीं है, तो आप अपने बैंक की उपलब्ध प्रक्रिया के अनुसार नाम जोड़ सकते हैं।
कुछ बैंक इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग से यह सुविधा देते हैं, जबकि कुछ मामलों में बैंक शाखा में जाकर फॉर्म भरना पड़ सकता है।
ऑनलाइन नॉमिनी जोड़ने का तरीका
अगर आपके बैंक में ऑनलाइन नॉमिनेशन की सुविधा उपलब्ध है, तो सामान्य तौर पर ये कदम अपनाए जा सकते हैं।
Step 1: अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप खोलें।
Step 2: अपनी इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग में सुरक्षित तरीके से लॉगिन करें।
Step 3: Account Services, Service Requests या Nomination जैसे विकल्प खोजें। अलग-अलग बैंकों में विकल्प का नाम अलग हो सकता है।
Step 4: जिस बैंक खाते के लिए नॉमिनी जोड़ना है, उसे चुनें।
Step 5: नॉमिनी का नाम और मांगी गई जानकारी सावधानी से भरें।
Step 6: अगर एक से अधिक नॉमिनी चुनने का विकल्प है, तो उपलब्ध निर्देशों के अनुसार उनका हिस्सा या प्राथमिकता तय करें।
Step 7: फॉर्म में दी गई जानकारी दोबारा जांचें और बैंक की प्रक्रिया के अनुसार अनुरोध सबमिट करें।
Step 8: अगर कोई Reference Number या Acknowledgement मिलता है, तो उसे संभालकर रखें।
यह सामान्य प्रक्रिया है। आपके बैंक की वेबसाइट या ऐप में विकल्प अलग हो सकते हैं। यदि ऑनलाइन नॉमिनेशन की सुविधा नहीं मिलती, तो बैंक शाखा से जानकारी लें।
ऑफलाइन नॉमिनी जोड़ने का तरीका
अगर आप ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं करना चाहते, तो बैंक शाखा में जाकर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- अपनी बैंक शाखा में जाएं।
- बैंक कर्मचारी से नॉमिनेशन फॉर्म मांगें।
- खाते और नॉमिनी की जानकारी भरें।
- जरूरत के अनुसार हस्ताक्षर करें।
- फॉर्म बैंक में जमा करें।
- जमा करने की रसीद या पुष्टि उपलब्ध हो तो संभालकर रखें।
फॉर्म जमा करने के बाद बैंक से पुष्टि कर लें कि नॉमिनेशन दर्ज हो गया है।
5. बैंक खाते में नॉमिनी बदलने का तरीका
कई बार परिवार की परिस्थितियां बदल जाती हैं। उदाहरण के लिए, पहले आपने माता-पिता का नाम नॉमिनी में दर्ज किया था और बाद में आप किसी दूसरे व्यक्ति को नामित करना चाहते हैं।
ऐसी स्थिति में बैंक की प्रक्रिया के अनुसार नॉमिनेशन में बदलाव करने का अनुरोध किया जा सकता है।
आमतौर पर आपको ये काम करने होंगे:
- बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से सही प्रक्रिया पता करें।
- नॉमिनेशन बदलने का फॉर्म भरें।
- पुराने और नए नाम की जानकारी सही तरीके से दें।
- बैंक द्वारा मांगे गए दस्तावेज या विवरण उपलब्ध कराएं।
- अनुरोध जमा करने के बाद पुष्टि प्राप्त करें।
अगर आपके खाते में पहले से एक से अधिक नॉमिनी दर्ज हैं, तो बदलाव करने से पहले बैंक से पूछें कि नया फॉर्म भरने पर पुराने नॉमिनेशन पर क्या असर पड़ेगा।
गलत जानकारी भरने से बचें और बदलाव की पुष्टि होने तक पुराने रिकॉर्ड को लेकर भ्रम में न रहें।
6. नॉमिनी बनाने के लिए कौन-कौन सी जानकारी चाहिए?
नॉमिनी दर्ज करते समय बैंक आपसे कुछ जानकारियां मांग सकता है। सही जानकारी बैंक के फॉर्म और लागू नियमों पर निर्भर करती है।
आमतौर पर इनमें शामिल हो सकते हैं:
- नॉमिनी का पूरा नाम
- खाताधारक से नॉमिनी का संबंध
- नॉमिनी की जन्मतिथि या उम्र, जहां आवश्यक हो
- नॉमिनी का पता
- नाबालिग नॉमिनी होने पर लागू अतिरिक्त जानकारी
- बैंक खाते से संबंधित विवरण
हर बैंक में जरूरी जानकारी और दस्तावेज एक जैसे नहीं होते। इसलिए फॉर्म भरने से पहले बैंक के निर्देश जरूर पढ़ें।
अगर नॉमिनी नाबालिग है, तो बैंक अतिरिक्त विवरण मांग सकता है। ऐसे मामले में बैंक कर्मचारी से सही प्रक्रिया समझ लेना बेहतर रहेगा।
7. क्या नॉमिनी बनाने के लिए बैंक जाना जरूरी है?
इसका जवाब आपके बैंक पर निर्भर करता है।
कुछ बैंक ऑनलाइन नॉमिनेशन जोड़ने या बदलने की सुविधा देते हैं। दूसरे बैंकों में कुछ सेवाओं के लिए शाखा में जाकर फॉर्म जमा करना पड़ सकता है।
इसलिए यह मानकर न चलें कि हर बैंक में नॉमिनी घर बैठे जोड़ा जा सकता है।
सबसे पहले अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप में Nomination से संबंधित विकल्प देखें। अगर विकल्प उपलब्ध नहीं है, तो बैंक के ग्राहक सहायता केंद्र या शाखा से संपर्क करें।
सुरक्षा के लिए: बैंक नॉमिनी अपडेट करने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को OTP, ATM PIN, UPI PIN या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड न बताएं।
8. नॉमिनी और कानूनी वारिस में क्या अंतर है?
यह बात समझना बहुत जरूरी है, क्योंकि कई लोग नॉमिनी को ही हर परिस्थिति में अंतिम मालिक मान लेते हैं।
नॉमिनी वह व्यक्ति है जिसे बैंक रिकॉर्ड में नामित किया गया है, ताकि खाताधारक की मृत्यु के बाद बैंक संबंधित प्रक्रिया के अनुसार जमा राशि का क्लेम सेटल कर सके।
कानूनी वारिस वह व्यक्ति होता है जिसका अधिकार लागू उत्तराधिकार कानून, वसीयत और परिस्थितियों के अनुसार तय हो सकता है।
दोनों भूमिकाओं को हमेशा एक जैसा नहीं मानना चाहिए।
उदाहरण के लिए, अगर किसी बैंक खाते में एक व्यक्ति नॉमिनी है, लेकिन परिवार के दूसरे सदस्यों के कानूनी अधिकारों को लेकर विवाद हो जाता है, तो मामला केवल बैंक के नॉमिनेशन रिकॉर्ड से तय नहीं भी हो सकता।
इसलिए बड़ी रकम, परिवार में विवाद या उत्तराधिकार संबंधी जटिल स्थिति होने पर कानूनी सलाह लेना उचित है।
9. अगर बैंक खाते में नॉमिनी नहीं है तो क्या होगा?
अगर खाताधारक की मृत्यु हो जाती है और बैंक खाते में नॉमिनी दर्ज नहीं है, तो परिवार को बैंक की निर्धारित क्लेम प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है।
बैंक मामले के अनुसार मृत्यु प्रमाणपत्र, पहचान संबंधी दस्तावेज, खाते का विवरण और अन्य आवश्यक कागजात मांग सकता है।
कौन-से दस्तावेज चाहिए, यह खाते की स्थिति, रकम और बैंक के लागू नियमों पर निर्भर करता है।
इसलिए परिवार में किसी को भी अपने बैंक खातों की जरूरी जानकारी सुरक्षित तरीके से बताकर रखना उपयोगी हो सकता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि नॉमिनी न होने पर पैसा हमेशा के लिए फंस जाता है। लेकिन क्लेम की प्रक्रिया अलग हो सकती है और अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है।
10. बैंक खाते में नॉमिनी अपडेट करते समय इन बातों का ध्यान रखें
नॉमिनेशन की जानकारी भरते समय कुछ छोटी गलतियों से बचना जरूरी है।
नाम की स्पेलिंग जांचें: नॉमिनी का नाम सही भरें, ताकि दस्तावेजों के साथ मिलान करने में परेशानी न हो।
हिस्सा सही रखें: अगर एक साथ कई नॉमिनी चुने हैं, तो हर व्यक्ति का प्रतिशत सही दर्ज करें और कुल 100% सुनिश्चित करें।
बदलाव की पुष्टि करें: फॉर्म जमा करने के बाद यह पता करें कि बैंक ने अनुरोध स्वीकार करके रिकॉर्ड अपडेट किया है या नहीं।
पुरानी जानकारी पर निर्भर न रहें: परिवार की परिस्थितियां बदलने पर अपने नॉमिनेशन रिकॉर्ड की समीक्षा कर सकते हैं।
ऑनलाइन सुरक्षा का ध्यान रखें: केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का उपयोग करें।
बैंक से सही जानकारी लें: हर बैंक की ऑनलाइन सुविधा और फॉर्म अलग हो सकते हैं, इसलिए प्रक्रिया की पुष्टि जरूर करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: बैंक खाते में अधिकतम कितने नॉमिनी बना सकते हैं?
बैंक जमा खाते के लिए लागू नए प्रावधानों के तहत अधिकतम चार नॉमिनी बनाए जा सकते हैं। एक साथ कई नॉमिनी चुनने पर उनके हिस्से का प्रतिशत निर्धारित करना होता है।
सवाल 2: क्या बैंक खाते में ऑनलाइन नॉमिनी जोड़ सकते हैं?
कुछ बैंक ऑनलाइन या मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से नॉमिनेशन की सुविधा देते हैं। यह सुविधा आपके बैंक और खाते पर निर्भर करती है।
सवाल 3: क्या नॉमिनी का नाम बाद में बदला जा सकता है?
बैंक की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नॉमिनेशन में बदलाव किया जा सकता है। इसके लिए ऑनलाइन सुविधा या बैंक शाखा की मदद लेनी पड़ सकती है।
सवाल 4: क्या नॉमिनी ही बैंक में जमा पैसे का कानूनी मालिक होता है?
नॉमिनी और कानूनी वारिस की भूमिका अलग हो सकती है। नॉमिनी बैंक के क्लेम सेटलमेंट में मदद करता है, जबकि अंतिम कानूनी अधिकार लागू कानून और परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।
सवाल 5: क्या बैंक लॉकर में भी नॉमिनी बना सकते हैं?
हां, बैंक लॉकर के लिए भी नॉमिनेशन की सुविधा है। हालांकि, लॉकर और सुरक्षित अभिरक्षा में रखी वस्तुओं के लिए नॉमिनेशन के अलग नियम हैं। लागू प्रावधानों के तहत इनके लिए successive nomination की व्यवस्था है।
सवाल 6: नॉमिनी नहीं होने पर क्या परिवार पैसा क्लेम कर सकता है?
बैंक की निर्धारित प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों के आधार पर परिवार क्लेम कर सकता है। हालांकि, प्रक्रिया अलग हो सकती है और अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है।
निष्कर्ष
बैंक खाते में नॉमिनी दर्ज करना एक छोटा-सा काम है, लेकिन जरूरत पड़ने पर यह परिवार के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
Bank Account Nominee Rules 2026 को समझते समय याद रखें कि बैंक जमा खातों के लिए अधिकतम चार नॉमिनी बनाने की सुविधा है। खाताधारक अपनी जरूरत के अनुसार एक साथ कई नॉमिनी या क्रमवार नॉमिनेशन का विकल्प चुन सकता है।
अगर आपने अभी तक अपने बैंक खाते में नॉमिनी नहीं बनाया है, तो अपने बैंक से इसकी प्रक्रिया पता कर लें। अगर पहले से नॉमिनी दर्ज है, तो जानकारी की जांच करें और जरूरत होने पर बदलाव कराएं।
अंत में, नॉमिनी और कानूनी वारिस के बीच अंतर भी समझना जरूरी है। इससे बैंकिंग और उत्तराधिकार से जुड़ी गलतफहमियों से बचने में मदद मिल सकती है।
उम्मीद है कि यह जानकारी आपके काम आएगी।
बैंक नॉमिनेशन से जुड़े आधिकारिक नियमों की जानकारी के लिए भारत सरकार की आधिकारिक प्रेस रिलीज पढ़ें।
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