UPI MDR Charge 2026 को लेकर इन दिनों काफी चर्चा हो रही है। अगर आप भी दुकान पर सामान खरीदने, मोबाइल रिचार्ज करने, बिल भरने या किसी को पैसे भेजने के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके मन में भी यह सवाल जरूर आया होगा कि क्या अब हर UPI पेमेंट पर चार्ज लगेगा?
आजकल ज्यादातर लोग अपने स्मार्टफोन से ही भुगतान करना पसंद करते हैं। सब्जी खरीदने से लेकर बड़े शोरूम में खरीदारी करने तक, UPI ने पैसों का लेन-देन काफी आसान बना दिया है। ऐसे में UPI चार्ज से जुड़ी खबर सामने आते ही लोगों के मन में चिंता होना स्वाभाविक है।
लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। UPI से किसी व्यक्ति को पैसे भेजना और किसी दुकान या व्यापारी को भुगतान करना एक ही तरह का लेन-देन नहीं है। दोनों के नियम अलग हो सकते हैं।
ताजा खबर के अनुसार, चुनिंदा व्यापारी UPI भुगतानों पर प्रस्तावित Merchant Discount Rate (MDR) व्यवस्था को 15 अक्टूबर 2026 से लागू किया जाना था, लेकिन इसे दिवाली के बाद तक टाल दिया गया है। नई लागू होने की तारीख अलग से घोषित की जानी है।
इस लेख में हम आसान हिंदी में समझेंगे कि MDR क्या है, किन भुगतानों पर इसका असर पड़ सकता है और आम ग्राहकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
UPI MDR Charge 2026 क्या है?

MDR का पूरा नाम Merchant Discount Rate है। यह एक तरह का भुगतान प्रसंस्करण शुल्क है, जो कुछ परिस्थितियों में व्यापारी से डिजिटल भुगतान स्वीकार करने की सुविधा के लिए लिया जा सकता है।
उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि आपकी एक दुकान है और ग्राहक आपके QR कोड को स्कैन करके UPI से भुगतान करते हैं। कुछ चुनिंदा व्यापारी लेन-देन पर लागू MDR व्यवस्था के तहत भुगतान स्वीकार करने से संबंधित शुल्क व्यापारी पर लागू हो सकता है।
इसका अर्थ यह नहीं है कि हर व्यक्ति को UPI से पैसे भेजने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
यहां तीन बातें समझिए:
- Person-to-Person (P2P): एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजना।
- Person-to-Merchant (P2M): किसी दुकान, व्यापारी या व्यवसाय को भुगतान करना।
- MDR: कुछ पात्र व्यापारी लेन-देन पर लागू होने वाला शुल्क।
इन तीनों को एक जैसा समझना गलत होगा।
क्या 15 अक्टूबर 2026 से UPI पर चार्ज लगना शुरू हो गया?
पहले चुनिंदा व्यापारी UPI लेन-देन पर MDR की नई व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, NPCI की समिति ने इसकी शुरुआत दिवाली के बाद तक टाल दी है।
नई लागू होने की तारीख अलग से घोषित की जानी है। इसलिए अभी किसी खबर में 15 अक्टूबर को सभी नए MDR शुल्क लागू होने की अंतिम तारीख बताना सही नहीं होगा।
ध्यान दें: नियम को टालने का मतलब यह नहीं है कि प्रस्तावित व्यवस्था हमेशा के लिए रद्द हो गई है। नई तारीख और लागू शर्तों के लिए NPCI की आधिकारिक घोषणा देखनी चाहिए।
क्या Google Pay, PhonePe और Paytm से पैसे भेजने पर चार्ज लगेगा?
यह सबसे आम सवाल है। इसका जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह का भुगतान कर रहे हैं।
1. एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजना
मान लीजिए कि आपने अपने दोस्त को ₹500 भेजे या घर के किसी सदस्य को ₹2,000 ट्रांसफर किए। इसे सामान्यतः Person-to-Person यानी P2P भुगतान कहा जाता है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि व्यक्ति से व्यक्ति के बीच UPI भुगतान पर कोई लेन-देन शुल्क नहीं लगाया जाएगा, चाहे भेजी गई रकम कितनी भी हो।
इसलिए केवल MDR की खबर सुनकर यह न मानें कि दोस्त या परिवार के सदस्य को पैसे भेजने पर नया चार्ज लगने वाला है।
2. दुकान पर QR कोड स्कैन करके भुगतान करना
जब आप किराना दुकान, कपड़ों की दुकान या किसी दूसरे व्यापारी को UPI से भुगतान करते हैं, तो यह Person-to-Merchant यानी P2M भुगतान होता है।
प्रस्तावित व्यवस्था चुनिंदा पात्र व्यापारी भुगतानों पर लागू होगी। यह सभी UPI लेन-देन पर एक जैसा शुल्क लगाने वाला नियम नहीं है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, सामान्य ग्राहकों के भुगतान पर शुल्क नहीं लगाया जाना है और MDR का भार ग्राहकों पर डालने से रोकने के लिए सुरक्षा उपाय बताए गए हैं।
3. मोबाइल रिचार्ज और बिल भुगतान
मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल या दूसरी सेवाओं का भुगतान करते समय ऐप या सेवा प्रदाता की मौजूदा शर्तें देखना जरूरी है।
MDR की खबर को हर प्रकार के बिल भुगतान पर अपने आप लागू नहीं मानना चाहिए। किसी विशेष सेवा के लिए सुविधा शुल्क या दूसरे शुल्क की शर्तें अलग हो सकती हैं।
भुगतान करने से पहले स्क्रीन पर दिखाई गई राशि और शुल्क की जानकारी ध्यान से देख लें।
₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर क्या नियम है?
प्रस्तावित MDR व्यवस्था के तहत कुछ पात्र व्यापारी भुगतानों में ₹2,000 से अधिक की राशि पर शुल्क लागू करने की बात कही गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, सामान्य पात्र लेन-देन के लिए प्रस्तावित दर 0.4% है और प्रति लेन-देन अधिकतम सीमा ₹300 बताई गई है। कुछ निर्दिष्ट क्षेत्रों के लिए अलग दरें भी बताई गई हैं। हालांकि, अंतिम लागू होने की तारीख और शर्तों की पुष्टि आधिकारिक निर्देशों से करनी चाहिए।
उदाहरण के लिए, अगर कोई पात्र व्यापारी ₹10,000 का भुगतान प्राप्त करता है, तो 0.4% की गणना ₹40 होती है।
लेकिन यहां एक जरूरी बात है: यह प्रस्तावित शुल्क की गणना का उदाहरण है, इसका मतलब यह नहीं है कि ग्राहक को ₹40 अतिरिक्त देने होंगे। घोषित व्यवस्था के अनुसार MDR व्यापारी से संबंधित शुल्क है, जिसे ग्राहक पर नहीं डाला जाना चाहिए।
इसलिए किसी भी वायरल संदेश को पढ़कर तुरंत यह निष्कर्ष न निकालें कि ₹2,000 से अधिक का भुगतान करने पर आपके बैंक खाते से अपने आप पैसे कटेंगे।
क्या ₹2,000 से कम के UPI भुगतान पर चार्ज लगेगा?

सरकारी जानकारी के अनुसार, ₹2,000 तक के व्यापारी UPI भुगतान और छोटे व्यापारियों के लिए निर्धारित छूट वाली श्रेणियों को MDR से राहत दी गई है। सरकार ने बताया है कि UPI के अधिकांश व्यापारी लेन-देन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे।
उदाहरण के लिए:
- आपने दुकान से ₹100 का सामान खरीदा।
- आपने ₹500 का किराना लिया।
- आपने ₹1,500 का सामान खरीदा।
ऐसे सामान्य छोटे भुगतानों पर प्रस्तावित MDR व्यवस्था के कारण अपने आप ग्राहक शुल्क लगने की बात सही नहीं है।
फिर भी, यदि कोई ऐप या व्यापारी भुगतान से पहले अलग सुविधा शुल्क दिखाता है, तो उस शुल्क की शर्तें ध्यान से पढ़ें। MDR और किसी अन्य सेवा शुल्क को एक ही चीज न समझें।
छोटे दुकानदारों पर क्या असर पड़ेगा?
भारत में बहुत से छोटे दुकानदार QR कोड के जरिए भुगतान स्वीकार करते हैं। ग्राहकों के लिए यह सुविधाजनक है, क्योंकि उन्हें हर बार नकद पैसे रखने की जरूरत नहीं पड़ती।
प्रस्तावित व्यवस्था में छोटे व्यापारियों के लिए विशेष छूट का प्रावधान बताया गया है। सरकारी जानकारी के अनुसार, निर्धारित वर्गीकरण के तहत जिन छोटे व्यापारियों की मासिक UPI प्राप्तियां ₹1 लाख तक हैं, उन्हें अनिवार्य शून्य MDR की सुविधा जारी रखने की बात कही गई है।
हालांकि, किसी दुकान पर यह छूट लागू होगी या नहीं, यह उसकी पात्रता और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।
इसलिए छोटे दुकानदारों को अपनी श्रेणी और भुगतान सेवा प्रदाता के आधिकारिक निर्देश जांचने चाहिए। उन्हें केवल सोशल मीडिया की पोस्ट के आधार पर अपनी दुकान पर चार्ज लगाने या हटाने का फैसला नहीं करना चाहिए।
क्या दुकानदार ग्राहक से UPI चार्ज ले सकता है?
यहां सबसे जरूरी बात समझिए।
सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार, ग्राहक पर UPI MDR का शुल्क डालने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि व्यापारी UPI भुगतान के लिए MDR शुल्क ग्राहकों से वसूल न करें।
इसका अर्थ है कि व्यापारी पर लागू MDR को ग्राहक के लिए अपने आप अलग UPI शुल्क नहीं मानना चाहिए।
अगर किसी दुकान पर आपसे UPI से भुगतान करने के लिए अतिरिक्त पैसे मांगे जाते हैं, तो:
- पहले पूछें कि यह किस चीज का शुल्क है।
- बिल में सामान की कीमत और अलग शुल्क की जानकारी जांचें।
- भुगतान ऐप पर दिखाई गई राशि ध्यान से देखें।
- जरूरत पड़ने पर संबंधित बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता से शिकायत करें।
किसी भी विवाद में पूरी जानकारी और भुगतान का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है।
UPI MDR Charge 2026 से आम ग्राहकों को क्या फायदा या नुकसान होगा?
आम ग्राहकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि उन्हें UPI शुल्क की खबरों से घबराने की जरूरत नहीं है।
सरकार ने कहा है कि सामान्य ग्राहकों के UPI भुगतान पर शुल्क नहीं लगाया जाएगा। MDR व्यवस्था का उद्देश्य भुगतान प्रणाली से जुड़े भागीदारों के खर्च और डिजिटल भुगतान व्यवस्था के लंबे समय तक संचालन को समर्थन देना बताया गया है।
फिर भी, व्यापारी वर्ग को इस व्यवस्था के लागू होने की तारीख और पात्रता संबंधी नियमों पर ध्यान देना चाहिए।
अगर कोई व्यापारी किसी शुल्क को अपने कारोबार की लागत मानता है, तो उसे लागू नियमों का पालन करना होगा। ग्राहक को किसी वायरल पोस्ट के आधार पर यह नहीं मानना चाहिए कि हर भुगतान पर नया चार्ज लगने वाला है।
UPI भुगतान करते समय इन 5 बातों का ध्यान रखें
UPI से भुगतान करते समय इन आसान सावधानियों का पालन करें:
1. भुगतान से पहले राशि जांचें: QR कोड स्कैन करने के बाद नाम और राशि ध्यान से देखें।
2. OTP या UPI PIN साझा न करें: पैसे प्राप्त करने के लिए किसी अनजान व्यक्ति को अपना UPI PIN बताने की जरूरत नहीं होती।
3. अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें: UPI चार्ज या नए नियमों के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक से बचें।
4. भुगतान की रसीद सुरक्षित रखें: अगर भुगतान में कोई समस्या आती है, तो ट्रांजैक्शन आईडी काम आ सकती है।
5. आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें: UPI शुल्क से जुड़ी नई जानकारी NPCI, वित्त मंत्रालय या अपने बैंक के आधिकारिक निर्देशों से जांचें।
UPI MDR Charge 2026 की आधिकारिक जानकारी कहां देखें?
अगर आप UPI के नए नियमों के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं, तो इन आधिकारिक वेबसाइटों का इस्तेमाल करें।
नई तारीख और लागू होने वाली शर्तों की पुष्टि के लिए NPCI की घोषणा को प्राथमिकता दें। समाचार रिपोर्ट शुरुआती जानकारी दे सकती हैं, लेकिन अंतिम नियम और प्रभावी तारीख आधिकारिक अधिसूचना से जांचना बेहतर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या 16 अक्टूबर 2026 से UPI पर चार्ज लग रहा है?
चुनिंदा व्यापारी लेन-देन पर प्रस्तावित MDR व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होनी थी, लेकिन इसे दिवाली के बाद तक टाल दिया गया है। नई तारीख की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
2. क्या Google Pay से दोस्त को पैसे भेजने पर चार्ज लगेगा?
सरकारी जानकारी के अनुसार, व्यक्ति से व्यक्ति के बीच UPI भुगतान पर कोई लेन-देन शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
3. क्या ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर ग्राहक को 0.4% देना होगा?
प्रस्तावित MDR पात्र व्यापारी लेन-देन से संबंधित है। सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार, यह शुल्क ग्राहक पर नहीं डाला जाना चाहिए।
4. क्या छोटे दुकानदारों को भी MDR देना होगा?
निर्धारित शर्तों के तहत छोटे व्यापारियों को शून्य MDR की छूट जारी रखने की बात कही गई है। वास्तविक पात्रता लागू नियमों और व्यापारी की श्रेणी पर निर्भर करेगी।
5. UPI के नए नियमों की पुष्टि कहां करें?
NPCI और वित्त मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी देखें।
निष्कर्ष
UPI MDR Charge 2026 को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि हर UPI भुगतान पर चार्ज लगने की खबर सही नहीं है। व्यक्ति से व्यक्ति के बीच भुगतान मुफ्त रहने की सरकारी जानकारी दी गई है। प्रस्तावित MDR व्यवस्था चुनिंदा व्यापारी लेन-देन से संबंधित है और इसकी शुरुआत दिवाली के बाद तक टाल दी गई है। नई प्रभावी तारीख की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
अगर आप Google Pay, PhonePe या Paytm का इस्तेमाल करते हैं, तो केवल वायरल संदेश देखकर घबराएं नहीं। भुगतान की राशि जांचें, UPI PIN सुरक्षित रखें और किसी भी नए नियम की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट से सत्यापित करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। MDR की लागू तारीख और नियमों में बदलाव हो सकता है। किसी भी निर्णय से पहले NPCI और संबंधित सरकारी विभाग की नवीनतम आधिकारिक जानकारी देखें।
